अयोध्या नगरी सजाई जा रही है और नगर के चौराहे भी चमकाए जा रहे हैं। चारो तरफ उत्सव का माहौल है, क्योंकि सदियों के इंतजार अब ख़त्म होने जा रहा है क्योकि अयोध्या में रामलला विराजेंगे। इस 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस आयोजन में देश भर के 7000 से ज्यादा मेहमान शामिल होंगे। इन मेहमानों में देश के उद्योगपति, अभिनेता, साहित्यकार और खिलाड़ी भी शामिल हैं।
क्या कहता है श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, यह ऐतिहासिक मौका है, जिसका इंतजार देश की करोड़ों जनता कई दशक से कर रही थी। विश्व हिंदू परिषद ने 1989 में राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत की थी। इसके बाद राम मंदिर देश की राजनीति का हिस्सा बन गया। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ध्वस्त होने के बाद राम मंदिर का मामला अदालत में पहुंचा। 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।
सूर्यवंशी राजा राम की नगरी अयोध्या में जगह-जगह सूर्यस्तंभ लगाए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में कांस्य की बनी विशाल जटायु प्रतिमा भी लगाई गई है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट रोशनी से जगमगाने लगा है। सबसे पहले यहां से दिल्ली और अहमदाबाद के लिए फ्लाइट सेवा शुरू करने की तैयार है। हाईटेक अयोध्या रेलवे स्टेशन देखते ही बन रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरे देश से श्रद्धालुओं का आना बढ़ जाएगा, इसलिए जगह जगह मल्टीलेवल पार्किंग भी बन रही हैं। यहां इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा भी रहेगी।
एयरपोर्ट के अलावा अयोध्या में भक्ति पथ, रामपथ, जन्मभूमि पथ, धर्म पथ आदि का लोकार्पण भी होना है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए थाईलैंड के राजा ने वहां की मिट्टी भेजी है। कंबोडिया से सुगंधित हल्दी आई है। इसके अलावा जोधपुर से 600 किलोग्राम गाय का घी और जनकपुर से मिथिला आर्ट पेंटिंग भेजा गया है। इस पेंटिंग में माता सीता के धरती की गोद से जन्म से लेकर उनका प्रभु राम से विवाह तक के प्रसंगों को दर्शाया गया है।
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े सवालों के जवाब
अयोध्या रेलवे स्टेशन से राम मंदिर की कितनी दूरी है?
अगर आप ट्रेन से अयोध्या जाते हैं तो रेलवे स्टेशन से केवल पांच किलोमीटर का सफर कर के आप राम मंदिर पहुंच जाएंगे। और यहां पहुंचने के लिए आपको कई साधन भी मिल जाएंगे।
हवाई मार्ग से कैसे पहुंचे अयोध्या ?
अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट स्थित है। मंदिर और एयरपोर्ट के बीच 10 किलोमीटर की दूरी है। फिलहाल दिल्ली और अहमदाबाद से अयोध्या के लिए फ्लाइट मिलेगी। आप पड़ोसी शहरों लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरकर बस और ट्रेन के जरिये भी अयोध्या पहुंच सकते हैं।
राम मंदिर में दर्शन कैसे करें?
राम मंदिर में श्रद्धालु पूरब दिशा से दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे। और सिंह द्वार से आगे बढ़ते ही रामलला उनके सामने होंगे। रामलला का दर्शन कर वह बाएं घूम जायेंगे। उसके बाद आगे सामान लेकर वह बाहर निकल जाएंगे। लेकिन कुबेर टीला जाने के लिए उनके पास अनुमति पत्र होना चाहिए।
राम मंदिर में प्रसाद कहां से मिलेगा?
श्रद्धालुओं को दर्शन स्थल पर प्रसाद नहीं मिल पाएगा। उन्हें रामलला का दर्शन करने के बाद लौटते समय दर्शन मार्ग के पास परकोटा से प्रसाद मिलेगा।
राम मंदिर के अलावा किन प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए जाया जा सकता है?
आप हनुमानगढ़ी मंदिर, नागेश्वरनाथ मंदिर, कनक भवन, राम की पैड़ी, गुप्तार घाट और रामकोट भी दर्शन और घूमने के लिए जा सकते हैं। हनुमानगढ़ी महाबली हनुमान का विख्यात मंदिर है जो 10 वीं शताब्दी में बनाया गया। धार्मिक मान्यता है कि यहां भगवान हनुमान का वास है और वह अयोध्या की रक्षा करते हैं।
अयोध्या में खरीदने के लिए क्या प्रसिद्ध है?
अयोध्या में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां सबसे ज्यादा खरीदी जाती हैं। इसके अलावा धार्मिक चीजे और राम मंदिर के पोस्टर भी खरीद सकते हैं।
अयोध्या राम मंदिर से जुड़ी खास बातें
22 जनवरी, 2024 को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस भव्य समारोह में देश भर के 7000 से ज्यादा विशिष्ट मेहमान शामिल होंगे रामलला की मूर्ति कर्नाटक और राजस्थान के पत्थरों से बनी है अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में करीब 900 करोड़ का खर्च आया है दरवाजे और खिड़कियों की लकड़ियां महाराष्ट्र के बल्लाल शाह से लाई गई हैं दरवाजों और खिड़कियों पर नक्काशी हैदराबाद के मजदूरों ने किया देश भर की पवित्र नदियों और कुडों से लाए जल से होगा रामलला का अभिषेक वर्ष 2025 में पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा भव्य राम मंदिर 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए थाईलैंड के राजा ने वहां की मिट्टी भेजी है मंदिर परिसर में 44 फीट लंबाई और 500 किलोग्राम का ध्वज दंड भी लगेगा