रेडियो स्टेशन पर औडियो सिगनल को सीधे ही एरियल में नहीं भेजा जाता है। ओडियो सिगनल एक आर.एफ. सिगनल (Radio Frequency Signal) को गोइलेट करता है । इस मौडूलेटेड आर.एफ. सिगनल को ट्रांसमीटर के एरियल में भेजा जाता है ।
औडियो सिगनल की फ्रीक्वेंसी
मनुष्य की ध्वनि तरंगों तथा बांसुरी तबला आदि यंत्रों से उत्पन्न तरंगों की फ्रीक्वेंसी 15 हर्ट्ज से लेकर 15,000 हर्ट्ज तक होती है ।
औडियो सिगनल को रेडियो स्टेशन के एरियल में न भेजने के कारण
इसके दो कारण हैं :
- यदि भिन्न-भिन्न स्टेशनों से औडियो सिगनल सीधे प्रसारित किये जायें तो रेडियो रिसीवर पर सभी एक साथ आयेंगे तथा मिल जायेंगे। इनमें से किसी एक स्टेशन को अलग से सुनना संभव नहीं होगा ।
- कम फ्रीक्वेंसी के सिगनल के लिये अधिक लम्बे एरियल की आवश्यकता होती है। 15 हज के सिगनलों के लिये 20,000 किलोमीटर तथा 15,000 हर्टज के लिए 20 किलोमीटर लम्बे एरियल की आवश्यकता पड़ेगी। इतने लम्बे एरियल वनाना संभव नहीं है।
रेडियो फ्रीक्वेंसी (R.F.) कैरियर सिगनल
रेडियो स्टेशन पर 550 किलो हर्ट्ज से 23 मैगाहर्ट्ज तक की किसी एक फ्रीक्वेंसी के औसीलेशन्स उत्पन्न किये जाते हैं। इन अधिक फ्रीक्वेंसी के सिगनलों को R.F. कैरियर सिगनल कहा जाता है। हर रेडियो स्टेशन की कैरियर फ्रीक्वेंसी अलग रखी जाती है जिससे रिसीवर पर सभी स्टेशनों के प्रोग्रामों को अलग-अलग सुना जा सके ।
R.F. कैरियर सिगनल को औडियो सिगनल से मौडूलेट किया जाता है तथा मौइलेटेड सिगनल को ट्रांसमीटर के एरियल में भेजा जाता है ।
एम्पलीट्यूड मौडूलेटर सर्किट
यह सर्किट आर.एफ. कैरियर सिगनल के एम्पलीट्यूड को भेजे जाने वाले ऑडियो सिगनल की तीव्रता के अनुसार बदलता है। कैरियर सिगनल की फ्रीक्वेंसी पहले जैसी ही रहती है तथा इसने कोई परिवर्तन नहीं होता है। केवल एम्पलीट्यूड में परिवर्तन होता है ।
रेडियो स्टेशन से ध्वनि का प्रसारण
रेडियो स्टेशन पर ध्वनि तरंगों के माइक्रोफोन पर टकराने से औडियो सिगनल बनते हैं। इनके मान को एम्प्लीफायर द्वारा बढ़ाया जाता है। आर.एफ. औसीलेटर से कैरियर सिगनल उत्पन्न किये जाते हैं। इन सिगनलों को तथा औडियो सिगनलों को एम्प्लीट्यूड मोडूलेटर सर्किट में भेजा जाता है । इस सर्किट से निकलने वाले सिगनलों को ट्रांसमीटर के एरियल में भेजा जाता है। एरियल में करेंट चलने से रेडियो तरंगें उत्पन्न होती हैं जो 30 करोड़ मीटर प्रति सेकिंड के वेग से चारों ओर फैल जाती है।
रेडियो रिसीवर द्वारा ध्वनि का पुनर्डत्पादन
रेडियो स्टेशन से आने वाली तरंगें रिसीवर के एन्टीना पर टकराती हैं तथा इसमें करेंट उत्पन्न करती हैं। इन करेंटों से रिसीवर में एम्प्लीटयूड मौडूलेटैड सिगनल उत्पन्न हो जाते हैं। रिसीवर के सर्किट इन सिगनलों में से औडियो सिगनल अलग करते हैं तथा इन्हें लाउडस्पीकर को देते हैं । लाउड स्पीकर औडियो सिगनलों को ध्वनि तरंगों में बदल देता है ।
रेडियो स्टेशनों के विभिन्न मीटर बैंड
एक रेडियो तरंग जितनी लम्बी हो उस लम्बाई को उसकी वेव लेंथ कहा जाता है। वेवलेंथ को मीटरों में मापा जाता है ।
रेडियो तरंगों की फ्रीक्वेंसी
एक सेकिंड में जितनी तरंगे उत्पन्न हों उस संख्या को फ्रीक्वेंसी कहा जाता है ।
रेडियो तरंगों का आकाश में वेग
सभी रेडियो तरंगे आकाश में 30 करोड़ मीटर प्रति सेकिंड के वेग से चलती है ।
रेडियो प्रोग्राम लाने वाली तरंगों की वेवलेंथ तथा फ्रीक्वेंसी
रेडियो स्टेशनों पर उत्पन्न की जाने वाली R.F. कैरियर रेडियो तरंगों की वेवलेंथ कम से कम 13 मीटर तथा अधिक से अधिक 550 मीटर होती है। इन तरंगों को ऑडियो सिगनलों से एम्प्लीट्यूड मौइलेट किया जाता है
मीडियम वेव बेंड (MW)
200 मीटर से लेकर 550 मीटर वेवलेंथ वाली तरंगों को मीडियम वेव बैंड की तरंगें कड़ा जाता है । इनकी फ्रीक्वेंसी 1500 किलो हर्टज से लेकर 545 किलो हटेज तक होती है।
शौर्ट वेव बेंड (SW)
13 मीटर से लेकर 120 मीटर वेवलेंथ वाली तरंगों को शौर्टवेव बैंड की तरंगें कहा जाता है । इनकी फ्रीक्वेंसी 23 मैगा हर्टज से लेकर 2.5 मैगा हर्टज तक होती है ।
एक बेंड, दो बैंड आदि के ट्रांजिस्टर रेडियो
सभी ट्रांजिस्टर सैटों में मीडियम वेव का बैंड अवश्य होता है जिससे सभी सेट 200 मीटर से 550 मीटर वेवलेंथ के प्रोग्राम ग्रहण कर सकते हैं ।
शौर्टवेव के प्रोग्राम ग्रहण करने के लिये ट्रांजिस्टर सैट दो या अधिक बैंड के बनाये जाते है । यदि शौर्टवेव का केवल एक ही बेंड हो तो यह साधारणतया 19 मीटर से 60 मीटर तक के प्रोग्राम ग्रहण करता है ।
यदि शौर्टवेव के दो बैंड हों तो SW 2 पर 16 से 41 मीटर तथा SW 1 पर 41 से 90 मीटर के प्रोग्राम आते हैं।
प्रश्न
- वेवलेंथ से क्या अभिप्राय है ?
- फ्रीक्वेंसी से क्या अभिप्राय है ?
- रेडियो तरंगें कितने वेग से आकाश में चलती हैं ?
- फ्रीक्वेंसी, वेग तथा वेवलेंथ में क्या संबंध होता है ?
- 41 मीटर लम्बी रेडियो तरंग की फ्रीक्वेंसी सूत्र की सहायता से ज्ञात कीजिये ।
- 1200 किलोहर्टज फ्रीक्वेंसी वाली रेडियो तरंग की वेव लेंथ सूत्र की सहायता से ज्ञात कीजिये ।
- मीडियम वेव बैंड में कितने मीटर तक की तरंगें होती है? इस बैंड की कम से कम फ्रीक्वेंसी कितनी होती है ? इस बैंड की अधिक से अधिक फ्रीक्वेंसी कितनी होती है ?
- शौर्टवेव बेंड में कितने मीटर से कितने मीटर तक की तरंगें होती हैं ?
- 2 बैंड के ट्रांजिस्टर रेडियो में शौर्ट वेव (SW) पर किन मीटरों के प्रोग्राम आते हैं ?
- 3 बैंड के टांजिस्टर रेडियो में SW2 पर किन मीटरों के प्रोग्राम आते हैं ?
- ऑडियो सिगनलों की फ्रीक्वेंसी कितनी होती है ?
- रेडियो स्टेशनों पर आर.एफ. सिगनल क्यों उत्पन्न किये जाते हैं ?
- एम्प्लीट्यूड मौडूलेटर सर्किट क्या कार्य करता है ?
- रेडियो स्टेशन से ध्वनि के प्रसारण को चित्र बनाकर समझाइये ।
- ट्रांजिस्टर रेडियो किन तरंगों को किन तरंगों में बदलता है ?