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ट्रांजिस्टर रेडियो का कार्य? और इसकी कार्य प्रणाली

by basegyan
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ट्रांजिस्टर रेडियो में एन्टीना कौइल का कार्य

हर ट्रांजिस्टर रेडियो में कम से कम एक एन्टीना कौइल होती है। एन्टीना कौइल वास्तव में ट्रांसफौर्मर होते हैं परन्तु सुविधा के लिये इन्हें कौइल कह दिया जाता है। एरियल पर टकराने वाले भिन्न-भिन्न रेडियो स्टेशनों की रेडियो तरंगों में से किसी एक का चुनाव एन्टीना कौइल करता है। इस कौइल के पेरेलल में एक वैरीयेबिल कैपेसिटर लगा होता है। कैपेसिटर की शाफ्ट को घुमाकर कैपेसिटी का मान 10 PF से 310 PF तक बदला जा सकता है।

कौइल के एक सिरे को एरियल से जोड़ा जाता है तथा दूसरे सिरे को ग्राउण्ड किया जाता है अथवा कौइल को लूप एरियल में होकर ग्राउंड किया जाता है। एन्टीना पर भिन्न-भिन्न रेडियो स्टेशनों से आने वाली 13 मीटर से 550 मीटर तक की सभी रेडियो तरंगें टकराती है । एन्टीना कोइल इनमें से किसी एक मीटर की तरंगों से बनने वाले सिगनलो को चुन लेता है। इन सिगनलों के बोल्टस कौइल में उत्पन्न हो जाते हैं तथा ट्रासफॉर्मर क्रिया द्वारा सैकिण्डरी कोइल में पहुंच जाते हैं। अन्य सभी मीटरों के सिगनल ग्राउण्ड हो जाते हैं।


कौइल किस मीटर को चुनेगा, यह कौइल में टों की संख्या, कोर की स्थिति, तया कोइल पर लगे कैपेसिटर की कैपैसिटी पर निर्भर करता है। एक ही कोइल से 13 मीटर से 550 मीटर तक के सभी शौर्टवेव तथा मीडियम बेव के स्टेशनों में से किसी एक को चुनना संभव नहीं है। यदि कौइल के प्राइमरी में 75 टर्न के आसपास हों तो कैपेसिटर की शाफ्ट पुमाकर 200 मीटर से 550 मीटर तक के अर्थात मीडियम वेब के किसी भी एक स्टेशन को टयून किया जा सकता है।

यदि कैपेसिटर में सैटिंग 10 PF पर हो तो 200 मीटर के स्टेशन टयून होते हैं। यदि 310 PF पर हो तो 550 मीटर के स्टेशन टयून होते हैं। यदि कौइल के प्राइमरी में 18 टर्न के आसपास हों तो शीर्टवेव के 19 मीटर से 60 मीटर तक के स्टेशन टयून किये जा सकते हैं। ट्रांजिस्टर सैट जितने भी बैंड का हो उतने ही एन्टीना कौइल ट्रांजिस्टर सैट में लगाये जाते हैं । अधिक बेंडों वाला ट्रांजिस्टर सैट शौर्टवेव तथा मीडियम वेव के सभी स्टेशन ग्रहण कर सकता है

एन्टीना कौइल के सेकिण्डरी के वोल्टस का मान

ट्रांसफोर्मर क्रिया द्वारा एन्टीना कौइल के सेकिण्डरी पर चुने हुए स्टेशन के आर.एफ. करियर सिगनल के वोल्टस उत्पन्न हो जाते हैं। इन सिगनलों पर ओडियो सिगनल उसी प्रकार एम्प्लीट्यूड मौडूलेटेड रहता है जैसा कि रेडियो स्टेशन से भेजा गया था। इन सिगनलों का मान बहुत ही कम, जैसे 0.001 बोल्ट होता है अतः इन सिगनलों को 2- 3 ट्रांजिस्टरों की सहायता से बहुत अधिक एम्प्लीफाई करना आवश्यक होता है। इसके बाद ही इनमें से औडियो सिगनल अलग किया जा सकता है ।

कनवर्टर सर्किट का कार्य

हर ट्रांजिस्टर रेडियो में एक कनवर्टर सर्किट होता है। यह एन्टीना कौइल पर ट्यून किये गये, 13 मीटर से 550 मीटर के किसी भी सिगनल को, अर्थात 23 मेगाहर्टज में 545 किलोहरंज R.F. कैरियर फ्रीक्वेंसी वाले किसी भी सिगनल को, अपने इन्पुट टर्मिनल पर ग्रहा। कर लेता है । अपने आउटपुट पर यह हमेशा 455 किलोहर्ट्ज का एक R.F. कैरियर सिगनल देता है जिस पर औडियो सिगनल उसी प्रकार एम्प्लीट्यूड मौइलेटेड रहता है जैसा कि एन्टीना कौइल द्वारा चुने हुए सिगनल पर था । अर्थात कनवर्टर सर्किट किसी भी आने वाले सिगनल की कैरियर फ्रीक्वेंसी बदलकर 455 किलोहर्ट्ज कर देता है ।

कनवर्टर सर्किट के लाभ

यदि कनवर्टर सर्किट न लगा हो तो हाई फ्रीक्वेंसी एम्प्लीफायर सर्किटों को 545 किलोहदंज से लेकर 23 मैगाहर्टज तक की सभी फ्रीक्वेंसियों को एम्प्लीफाई करना पड़ेगा। एक ही सर्किट द्वारा इन सभी फ्रीक्वेंसियों का एक समान एम्प्लीफीकेशन संभव नहीं है। अतः हो सकता है कि बना कनवर्टर वाले रेडियो में भिन्न-भिन्न फ्रीक्वेंसियों के लिये, एन्टीना कौइलों की तरह, अलग-अलग एम्प्लीफायर प्रयोग करने पड़ें। अतः ऐसा रेडियो बहुत जटिल तथा महंगा होगा। कनवर्टर सर्किट वाला रेडियो सरल तथा सस्ता होता है क्योंकि कनवर्टर सर्किट सभी स्टेशनों से आने वाले सिगनलो की कैरियर फ्रीक्वेंसी बदल कर 455 किलोहर्टज की आई.एफ. कर देता है जिसे I.F. एम्प्लीफायर सर्किट आसानी से एम्प्लीफाई कर देते हैं।

इन्टरमीडिएट फ्रीक्वेंसी (I.F.)

कनवर्टर से आने वाली 455 किलोहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी को इन्टरमीडिएट फ्रीक्वेंसी कहा जाता है क्योंकि इसका मान औडियो फ्रीक्वेंसियों से अधिक तथा रेडियो स्टेशनों की कैरियर फ्रीक्वसियों से कम होता है। आई.एफ. सिगनलों को आई.एफ. एम्प्लीफायर में दिया जाता है।

आई.एफ. एम्पलीफायर

कनवर्टर से आने वाले 455 किलोहर्ट्ज के एम्प्लीट्यूड मौडूलेटेड सिगनलों को यह सर्किट सैकड़ों गुना एम्प्लीफाई करता है। इन सिगनलों को डिटेक्टर स्टेज को दिया जाता

डिटेक्टर तथा आई.एफ. फिल्टर सर्किट

आई.एफ. एम्प्लीफायर से आने वाले एम्प्लीफाइड सिगनलों में से यह सर्किट औडियो सिगनलों को अलग करता है तथा आई एफ. कैरियर सिगनलों को ग्राउण्ड करता है। अलग किये हुए ओडियो सिगनल बहुत कम बोल्ट के होते हैं। अतः एम्प्लीफाई करने के लिये इन्हें औडियो एम्प्लीफायर सर्किट को दिया जाता है ।

औडियो एम्प्लीफायर सर्किट

डिटैक्टर से आने वाले ओडियो सिगनलों को यह सर्किट सैकड़ों गुना एम्प्लीफाई करके लाउड स्पीकर को देता है ।

लाउड स्पीकर

औडियो एम्प्लीफायर से आने वाले सिगनलों को लाउड स्पीकर उन्हीं जैसी ध्वनि तरंगों में बदल देता है जैसी रेडियो स्टेशन पर माइक्रोफोन के सामने उत्पन्न की गयी थीं।

प्रश्न

  • 1. एन्टीना कौइल क्या कार्य करता है तथा यह कार्य किसकी सहायता से करता है ?
  • ट्रांजिस्टर रेडियो में किसी स्टेशन को ट्यून करने के लिये किस पूजे को घुमाया जाता है?
  • एन्टीना कौइल किस मीटर को चुनेगा यह किन-किन बातों पर निर्भर करता है ?
  • एन्टीना कौइल पर लगे वैरियेबिल कैपैसिटर की कैपैसिटी कितने PF से कितने PF तक बदली जा सकती है ? कम PF पर कौन से मीटर ट्यून होते हैं ?
  • मीडियम वेव के एन्टीना कौइल के प्राइमरी में कितने टर्न होते हैं ?1
  • 19 मीटर से 60 मीटर तक के स्टेशन टयून करने वाले एन्टीना कौइल की प्राइमरी में कितने टर्न होते हैं ?
  • एन्टीना कौइल के सैकिन्डरी पर कितने वोल्ट होते हैं इनको एम्प्लीफाई करना क्यों आवश्यक है ?
  • कनवर्टर सर्किट क्या कार्य करता है ? 9. कनवर्टर सर्किट का कार्य ब्लॉक डाइग्राम बनाकर समझाइये ।
  • ट्रांजिस्टर रेडियो में कनवर्टर सर्किट लगाने के क्या लाभ हैं ?
  • इन्टरमीडिएट फ्रीक्वेंसी (I.F.) से क्या अभिप्राय है ?
  • आई.एफ. एम्लीफायर क्या कार्य करता है ?
  • डिटैक्टर सैक्शन तथा इसका फिल्टर सर्किट क्या कार्य करते हैं ? फिल्टर सर्किट से आने वाले सिगनलों को कहां भेजा जाता है ?
  • ट्रांजिस्टर रेडियो में औडियो एम्प्लीफायर सर्किट क्यों लगाये जाते हैं? इनसे निकलने वाले मिगनलों को कहां भेजा जाता है ?
  • ट्रांजिस्टर रेडियो का ब्लॉक डाइग्राम बनाइये। इसके भिन्न-भिन्न सैक्शनों पर किस प्रकार के मिगनल मिलते हैं यह डाइग्राम पर स्पष्ट कीजिये ।
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