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थर्मस फ्लास्क में गर्म चीजें गर्म और ठंडी चीजें ठंडी क्यों रहती हैं?

by Aniket Verma
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थर्मस फ्लास्क में गर्म चीजें गर्म क्यों रहती हैं, थर्मस फ्लास्क (Thermos Flask) घरेलू इस्तेमाल में आने वाली एक विशेष प्रकार की बोतल होती है। जिसमे चाय, दूध जैसी गर्म पदार्थ बहुत देर तक गर्म बने रहते है और बर्फ जैसी ठंडी चीजे बहुत देर तक ठंडी बनी रहती हैं। इसका आविष्कार सन् 1892 में सर जेम्स डेवर (Sir James Dewar) ने किया था। इसमें कांच से बनी दोहरी दीवारों (Double-walled) वाली एक बोतल होती है। कांच की दीवारों पर चाँदी (Silver) की पतली परत चढ़ा दी जाती है। एक निर्वात पम्प (Vacuum pump) की सहायता से दीवारों के बीच की हवा निकाल कर इसे बन्द कर दिया जाता है। बोतल को टूटने से बचाने के लिए इसे लोहे से बने एक खोल में रख दिया जाता है और उसके मुँह पर कार्क लगा दिया जाता है।

थर्मस फ्लास्क गर्म चीजें

थर्मस किस नियम पर कार्य करता है?

अब जानना यह है कि इस थर्मस में गर्म वस्तुएं गर्म और ठंडी वस्तुएं ठंडी क्यों रहती हैं सामान्य तौर पर गर्म वस्तुएं इसलिए ठंडी हो जाती हैं कि उनमें मौजूद ताप (ऊष्मा) आसपास के वातावरण में चला जाता है और ठंडी वस्तुएं इसलिए गर्म हो जाती हैं कि आसपास के वातावरण से ऊष्मा उन वस्तुओं में आ जाती है। थर्मस का कार्य ऊष्मा को बाहर से अन्दर और अन्दर से बाहर निकलने से रोकना है।

ऊष्मा एक स्थान से दूसरे स्थान तक तीन तरीकों से जा सकती है। इन तरीकों को चालन (Conduction), संवहन (Convection) और विकिरण (Radiation) कहते हैं। थर्मस में इन तीनों विधियों से ही ऊष्मा का आना जाना नहीं हो पाता। थर्मस की बोतल कांच की बनी होती है और कांच ऊष्मा का कुचालक (Bad conductor) होता है

इसलिए ऊष्मा पहली विधि द्वारा बाहर से न अन्दर जा पाती है और न अन्दर से बाहर आ पाती है। कांच की दीवारों के बीच में हवा न होने के कारण ऊष्मा का आवागमन दूसरी विधि से भी नहीं हो पाता। कांच की दीवारों पर चाँदी की तह अन्दर की ऊष्मा को अन्दर की ओर परावर्तित कर देती है और बाहर की ऊष्मा को बाहर की ओर परावर्तित कर देती है। इस प्रकार तीसरी विधि द्वारा भी ऊष्मा का आना-जाना नहीं हो पाता। इन्हीं कारणों से थर्मस में रखी गर्म चीजें ठंडी नहीं हो पातीं और ठंडी चीजें गर्म नहीं हो पातीं, इसीलिए थर्मस फ्लास्क में गर्म चीजें गर्म रहती हैं,

यह भी पढ़ें :- दूध का रंग सफेद क्यों दिखता है? और यह किस कारण से होता है

थर्मस फ्लास्क का आविष्कार किसने किया था

इसका आविष्कार सन् 1892 में सर जेम्स डेवर (Sir James Dewar) ने किया था। उन्होंने इसमें कांच से बनी दोहरी दीवारों (Double-walled) वाली एक बोतल बनाई और कांच की दीवारों पर चाँदी (Silver) की पतली परत चढ़ा दी और एक निर्वात पम्प (Vacuum pump) की सहायता से दीवारों के बीच की सारी हवा निकाल कर इसे बन्द कर दिया, फिर इसे लोहे से बने एक खोल में डालकर इसका मुँह कार्क से बंद कर दियाथर्मस फ्लास्क में गर्म चीजें गर्म क्यों रहती हैं

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