उद्योगों की स्थापना बड़े पैमाने पर की जाती है जिसके लिए अधिक पूंजी, कच्चे माल, मानव शक्ति, भूमि और मशीनों की आवश्यकता होती है। इस प्रकार के कुछ उद्योग सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में हैं। इन उद्योगों में लौह-इस्पात, सीमेंट, दवाइयां, रासायनिक उर्वरक, कपड़ा उद्योग, चीनी, बड़ी मशीनें, हवाई जहाज, जहाज, मोटर वाहन, रेलवे इंजन और कोच, कपड़ा, तेल शोधन, परमाणु ऊर्जा उत्पादन आदि प्रमुख हैं।
भारत में लोहा और इस्पात उद्योग कहा पर है
भारत में लोहे और इस्पात का उपयोग अत्यन्त प्राचीन काल से होता आ रहा है। भारतीय धनुर्धर ईसा पूर्व 70० में इस्पात की नोक वाले तीरों का प्रयोग करते थे। प्राचीन काल में लोहे के उपयोग के अन्य सुप्रसिद्ध उदाहरण हैं- मध्य प्रदेश में इंदौर के निकट धार का लौह स्तम्भ 321 ई० दिल्ली में कुतुबमीनार के निकट का लौह स्तम्भ 400 ई० और उड़ीसा में कोणार्क के सूर्य मन्दिर में लोहे के शहतीर 1300 ई०। भारत में लौह उद्योग एक प्रमुख उद्योग है। भारत में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी, झारखंड, पश्चिम बंगाल में आयरन एंड स्टील कंपनी, कर्नाटक में मैसूर आयरन एंड स्टील कंपनी, छत्तीसगढ़ में निजी क्षेत्र और भिलाई, पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर, उड़ीसा में राउरकेला, झारखंड में बोकारो, विशाखापत्तनम में आयरन कंपनी आंध्र प्रदेश में इस्पात बनाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के कारखाने हैं।
लौह अयस्क से लौह इस्पात कैसे बनाया जाता है
लौह अयस्क को ऊँचे तापमान में गलाया जाता है। धातु गलकर अलग हो जाती है, जिसे साँचे में ढाल लिया जाता है। उसमें कार्बन, क्रोमियम और निकिल मिलाया जाता है, जिससे जंक न लगने वाला इस्पात बन जाता है। टाटा आयरन एवं स्टील कम्पनी झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर नगर में स्थित है। इसकी स्थापना टाटा जमशेदजी ने की थी। यह निजी क्षेत्र की लौह-इस्पात बनाने की सबसे बड़ी कम्पनी है। इसके आस-पास लौह-इस्पात बनाने के लिए कच्चा लोहा, कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, मैंगनीज आदि खनिज बहुतायत में मिलते हैं। यहाँ के इस्पात से मोटर गाड़ी उद्योग का अधिक विकास हुआ है, यथाट्रक, कार, वैन आदि।
भारत में सूती वस्त्र उद्योग
भारत के गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक व पंजाब राज्यों में सूती वस्त्र उद्योग स्थित हैं। अहमदाबाद सूती वस्त्र उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। इसके आस-पास कपास उत्पादक क्षेत्र होने से सूती वस्त्र उद्योग का अत्यधिक विकास हुआ है।
जापान देश के ओसाका नगर में हमारे देश के अहमदाबाद की तरह सूती वस्त्र उद्योग का अत्यधिक विकास हुआ है। जबकि जापान में कपास का उत्पादन नगण्य है। इसके लिए जापान को विश्व के अन्य देशों से कपास आयात करना पड़ता है। ओसाका में सूती वस्त्र उद्योग के विकास के निम्नलिखित कारण हैं
- समुद्र तट पर स्थित होने के कारण बड़े-बड़े जहाजों द्वारा कच्चे माल को बाहर से मँगाने तथा तैयार माल को बाहर भेजने की सुविधा है।
- यहाँ के पत्तनों पर बड़े-बड़े जहाजों पर सामान लादने और उतारने का कार्य मशीनों द्वारा होता है।
- उच्चकोटि की तकनीकी तथा श्रमिक सुविधा सुलभ है।
- वस्त्र उद्योग के लिए उपयुक्त नम जलवायु मिलती है।
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग
जैसा कि हम जानते हैं सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग आज के युग का सबसे बड़ा उद्योग माना जाता है, भारत में बंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई, नोयडा आदि शहरों में इस उद्योग की स्थापना की गई है। अगर हम संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने सूचना प्रौद्योगिकी कंपनीयो को देखें तो यह भारत में निवेश कर रही है जिनका संग्रहालय आप को भारत के कई सेहरो में देखने को मिलेगा। इनमें प्रमुख है सूक्ष्म संसाधन बनाने वाली विश्व प्रसिद्ध इंटेल कम्प्यूटर की यंग-सामग्री और सॉफ्टवेयर बनाने वाली एप्पल कम्प्यूटर इलैक्ट्रॉनिक की ह्यूलैट पैकर्ड तथा कम्प्यूटर बनाने वाली सन माईक्रोसिस्टम। शामिल है।
भारत में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु दक्षिण भारत का एक नगर है भारत में प्रक्रिया सामग्री की सबसे अधिक कंपनियां बेंगलुरु में स्थित है. यहां 370 करोड़ की सामग्री का निर्यात होता है इनमें इंफोसिस तथा विप्रो टेक्नोलॉजी कंपनियां महत्वपूर्ण है विश्व भर में भारत के सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों की बड़ी प्रतिष्ठा और मांग है यहां संचार उपकरण, मशीन उपकरण, वायुयान, बिजली की मोटर आदि बनाने वाले बड़े बड़े उद्योग शामिल हैं।
भारत के कई अन्य उद्योग
मशीन यंत्र उद्योग :- हिन्दुस्तान मशीन टूल्स (H.M.T.) के केन्द्र बंगलौर, हैदराबाद, पिंजौर
(हरियाणा), कलमेस्सरी (केरल) में हैं। इनमें घड़ियाँ, ग्राइंडिंग मशीन, ड्रिल ट्रैक्टर आदि बनाए जाते हैं। राँची के निकट हैवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन में भारी मशीन बनाने का कारखाना है।
रासायनिक उर्वरक :- रासायनिक कारखाने सिन्द्री, इण्डियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कार्पोरेशन (इफ्को). फूलपुर, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, महाराष्ट्र में हैं।
बिजली की भारी मशीनें :- इनके कारखानें भोपाल, रानीपुर (हरिद्वार के निकट), मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरू, मैसूर व हैदराबाद में स्थित हैं।
चीनी उद्योग :- उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, केरल प्रांतों मे चीनी उद्योग स्थापित हैं। मोटर गाड़ियाँ- कोलकाता, मुम्बई, चेन्नई, जमशेदपुर और गुड़गाँव में स्थापित हैं।
वायुयान उद्योग :- बंगलुरू, कानपुर, लखनऊ, नासिक (महाराष्ट्र), कोरापुट (उड़ीसा) में हैं। १०. रेल गाड़ी के इंजन चितरंजन (पश्चिम बंगाल), वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में बनते हैं, तथा श्रीपेरम्बदूर
(तमिलनाडु), कपूरथला (पंजाब) में रेल के डिब्बे बनते हैं।
विद्युत व्यवस्था :- मशीन चलाने के लिए बिजली के सामान के उद्योग भोपाल, हरिद्वार, मुम्बई,
कोलकाता, चेन्नई व बंगलुरू में हैं।